एचडीएफसी बैंक परिवर्तन और आईआईएससी में एमओयू

उदयपुर। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साईंस (आईआईएससी) के साथ मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने बागची-पार्थसारथी हॉस्पिटल, आईआईएससी बैंगलोर के तीन विंग्स का सहयोग करने के लिए 107.76 करोड़ रु. का योगदान देने का संकल्प लिया है। बैंक का सहयोग प्राप्त करने वाले ये तीन विंग हैं – कार्डियोलॉजी विंग, रेडियोलॉजी विंग और इमरजेंसी मेडिसीन विंग।
आईआईएससी बैंगलोर अपने बैंगलुरू परिसर के अंदर एक पोस्टग्रेजुएट मेडिकल स्कूल के साथ एक मल्टी-स्पेशियल्टी, नॉट-फॉर-प्रॉफिट, 832-बेड वाला हॉस्पिटल, बागची-पार्थसारथी हॉस्पिटल स्थापित कर रहा है। यह हॉस्पिटल साल 2024 के अंत तक पूरी तरह से फंक्शनल हो जाएगा और एमडी/पीएचडी विद्यार्थियों के पहले बैच का प्रवेश साल 2025 में लिया जाएगा।
एचडीएफसी बैंक ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा का ढांचा मजबूत करने के लिए पहली बार आईआईएससी बैंगलोर के साथ गठबंधन किया है। पहले पाँच सालों (2025-2029) में आईआईएससी बैंगलोर के साथ एचडीएफसी बैंक की साझेदारी द्वारा निम्नलिखित परिवर्तन आएंगे – कार्डियोलॉजी विंग में आउटपेशेंट सेक्शन में लगभग 1,83,000 मरीज और इन पेशेंट सेक्टर में 18,300 मरीज आएंगे और यहां पर कम से कम 20 सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा रेडियोलॉजी विंग में पहले पाँच सालों में अनुमानित 4,28,326 मरीज आएंगे और यहां पर 20 सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा एवं इमरजेंसी मेडिकल विंग का लाभ 56,304 मरीजों को मिलेगा और यहां पर 50 सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
एचडीएफसी बैंक में ग्रुप हेड, ईएसजी एवं सीएसआर, बिजऩेस फाईनेंस व स्ट्रेट्जी, एडमिनिस्ट्रेशन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर, मिस आशिमा भट्ट ने कहा कि आईआईएससी बैंगलोर के साथ एचडीएफसी बैंक की साझेदारी देश में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा ढांचा मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह नया हॉस्पिटल और मेडिकल स्कूल न केवल पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा की जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि फिजिशियन-वैज्ञानिकों की एक नई पीढ़ी का विकास भी करेगा। एचडीएफसी बैंक ने सदैव राष्ट्र-निर्माण की गतिविधियों में सहयोग किया है और मेडिकल स्कूल/हॉस्पिटल देश के लिए सतत स्वास्थ्य के लक्ष्य एवं नीतियों का माहौल बनाएगा। यह क्लिनिकल शोध एवं प्रशिक्षण के एक मॉडल के रूप में काम करेगा जिसका अनुकरण पूरे देश में किया जा सकेगा। इस सफर में हम आईआईएससी बैंगलोर के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हैं।
प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन, डायरेक्टर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साईंस ने कहा कि 113 सालों तक विज्ञान एवं इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता हासिल करने के बाद आईआईएससी ने बागची-पार्थसारथी हॉस्पिटल और आईआईएससी मेडिकल स्कूल की स्थापना के साथ ही क्लिनिकल शोध का एक नया सफर शुरू किया है। हमें खुशी है कि हमारी इस नई पहल में एचडीएफसी बैंक एक मुख्य साझेदार है और हॉस्पिटल में तीन महत्वपूर्ण विंग्स – कार्डियोलॉजी, रेडियोलॉजी एवं इमरजेंसी मेडिसीन की स्थापना में सहयोग कर रहा है। हम इस देश में स्वास्थ्य सेवा का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए एचडीएफसी बैंक के साथ इस गठबंधन को मजबूत करने के लिए आशान्वित हैं।

Related posts:

लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन द्वारा हिंदुस्तान जिंक की सिल्वर रिफाइनरी पुनःप्रमाणित

पेलियेटिव एवं कॉम्प्रिहेन्सिव क्लिनिक का शुभारंभ

हिंदुस्तान जिंक इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मेटल्स आईआईएम क्वालिटी अवार्ड-2020 से पुरस्कृत

पिम्स इंस्टीट्यूट ऑफ कम्प्युटर साईन्स ने लांच किया बीसीए कोर्स

जिंक फुटबाल अकादमी ने अंडर-18 दोस्ताना मुकाबले में एफसी गोवा को हराया

सिडबी ने अधिकाधिक एमएसएमई इकाइयों की ट्रेड्स पर भागीदारी के लिए स्वावलंबन आपात प्रतिक्रिया निधि की प...

हिंदुस्तान जिंक ने सीईओ वाटर मैंडेट पहल से जुड़ कर जल संरक्षण प्रतिबद्धता को दोहराया

ZINC FOOTBALL ACADEMY’S KAIF AND PREM SELECTED FOR INDIA TEAM IN THE AFC UNDER-17 ASIAN CUP QUALIFIE...

वीराम सिक्योरटीज़ ने रियलटी क्षेत्र की ओर कदम बढ़ाए

70 प्रतिषत ब्रेन ट्यूमर कैंसर के नहीं होते है

Hindustan Zinc demonstrates environmental transparency by disclosing through CDP

Hindustan Zinc receives renewable power from Serentica’s 180 MW Solar Project