चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। सावन मास के प्रथम त्यौहार के रूप में हरियाली अमावस्या पर्व को जिले के हजारों लोगों ने सावन की झड़ी के बीच उत्साह के साथ मनाया। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सवेरे से ही मेलार्थियों का रेले के रूप में आना प्रारम्भ हो गया जिनकी दिनभर भीड़़ बढ़ती रही, दुर्ग के विजय स्तम्भ, कालिका माता, नीलकण्ठ महादेव, कीर्ति स्तम्भ, पद्मिनी महल, कुंभामहल सहित अन्य स्मारकों के परिसर में भी बड़ी संख्या में लोग सामूहिक गौठ करते देखे गए। वहीं दुर्ग भ्रमण के लिए आये देशी-विदेशी पर्यटको ने भी हरियाली अमावस्या के पर्व पर लोगों की भारी भीड़ और उत्साह को देखना मिला। हालांकि इस वर्ष बरसात कम होने से नदी नाले, बांध, तालाबों मंे पानी की कमी लोगों को खासी खली, लेकिन पिछले दो दिनों से कभी हल्की तो कभी तेज सावन की झड़ी के कारण मौसम सुहावना होने के साथ ही बौछारों ने लोगों को भिगो दिया, जिससे सभी का मन प्रसन्न नजर आया। दुर्ग पर उमडी भीड़ के अनुरूप पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किये गये थे जिसके फलस्वरूप दुर्ग के प्रथम प्रवेश द्वार पाडनपोल के बाद वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा देने से दुर्ग पर जाने वाले हजारों लोगों की भीड़ से ऐसी अनुभूति हुई मानो एक बार फिर दुर्ग घनी आबादी से घिर गया हो। हरियाली अमावस्या के पर्व पर हजारों लोगों ने दुर्ग दर्शन कर प्रकृति का आनंद उठाया। इस पर्व के मौके पर शहर के मिठाई बाजार भी मालपुआ की खुशबू से महकते नजर आये जिसका शहर वासियो से खासा आनंद उठाया।

