आईटीआई असैट मैनेजमेंट कंपनी ने लांच किया लार्ज एंड मिड कैप फंड

उदयपुर : आईटीआई असैट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (आईटीआई एएमसी) ने 21 अगस्त 2024 को आईटीआई लार्ज एंड मिड कैप फंड लांच कर दिया है। यह एक ओपन-ऐंडेड स्कीम है जो इक्विटी, इक्विटी संबंधित सिक्युरिटीज़, मुख्यतः शीर्ष 250 भारतीय कंपनियों में निवेश करेगी; ये ऐसी कंपनियां होंगी जिन पर देश की प्रगति का दारोमदार है। यह न्यू फंड ऑफर 4 सितंबर 2024 को बंद होगा।

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इस स्कीम का लक्ष्य है इस गतिशील क्षेत्र में सक्रियता से शामिल कंपनियों में निवेश करके दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि प्रस्तुत करना, निवेशकों को विविधीकरण और पूंजी वृद्धि का मार्ग प्रदान करना।

इस फंड का प्रबंधन विशाल जाजू और रोहन कोरडे करेंगे, दोनों ही आईटीआई म्यूचुअल फंड से जुड़े इक्विटी फंड मैनेजर हैं। इन्हें 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है और बाजार की गहन जानकारी रखते हैं।

यह फंड निवेशकों को भारत की वृद्धि संभावनाओं में निवेश करने का मौका देगा, जो की संरचनात्मक, सांस्कृतिक व डिजिटल कारकों के बल पर आगे बढ़ेगी। इस वृद्धि में संगठित बाजारों की ओर हो रहा बदलाव अग्रणी भूमिका निभाएगा जिसे शहरीकरण एवं बढ़ते आय स्तर का बल मिल रहा है। एकल व आकांक्षी परिवारों की बढ़ती तादाद के चलते लोगों का खर्च बढ़ेगा, इससे एक सांस्कृतिक प्रभाव कायम होगा जिससे खपत और ज्यादा होगी।

आईटीआई एएमसी के फंड मैनेजर विशाल जाजू के मुताबिक, ’’भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। ’’ग्रोथ कंपनियों’’ की कमाई के जो आसार नजर आ रहे हैं उन्हें देखते हुए कहा जा सकता है कि वे निरंतर फायदे में रहेंगी। शेयरों के चयन में हमारा फंड हाउस बॉटम्स अप ऐप्रोच अपनाता है। ऐसी कई कंपनियां उपलब्ध हैं जिनकी ऑर्डर बुक मजबूत है और अगले 2-3 सालों में उनकी कमाई का पूर्वानुमान अच्छा है। ये कंपनियां रिटर्न रेश्यो में ठोस प्रगति दर्ज कर सकती हैं। जब हम मौजूदा शेयर कीमतों का संबंध वित्त वर्ष 2025-26 की आय से जोड़ते हैं तो इन क्षेत्रों में चुनिंदा कंपनियां हैं जिनमें निवेश बहुत फायदेमंद हो सकता है और वे हमारे फंड का हिस्सा हो सकती हैं।’’

इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि रु. 5000 है, जबकि एसआईपी के जरिए निवेश करने वाले निवेशक रु. 500 प्रति माह की किस्तों में निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में कोई ऐंट्री लोड शुल्क नहीं होगा, किंतु यदि निवेशक आवंटन की तारीख से लेकर 3 महीने पूरे होने से पहले यूनिट्स रिडीम या स्विच करता है तो 0.5 प्रतिशत का ऐक्ज़िट लोड शुल्क लगेगा।