तीन घंटे चले ऑपरेशन में मरीज करती रही डॉक्टर से बात

मरीज होश में, सिर्फ सिर सुन्न करके की ब्रेन हेमरिज की ओपन सर्जरी

उदयपुर (Udaipur)। पारस जे. के. हॉस्पिटल(Paras JK Hospital) उदयपुर में 56 वर्षीय जस्सी योहानन के ब्रेन का ऑपरेषन बिना बेहोश् किये हुये किया गया। डॉ. मनीश कुलश्रेष्ठ (वरिष्ठ न्यूरोफिजिषन) ने बताया की विगत 3 दिनों से उन्हे बोलने में तकलीफ के साथ ही चेहरे पर सुन्नपन महसूस हो रहा था। इसी कारण उन्हे अस्पताल में लाया गया था। एम.आर.आई. व अन्य जॉचें करवाने पर पता चला की मस्तिष्क के बाएॅ भाग में हेमरेज हो गया है।
मरीज पूर्व में डायबिटीज, हायपोथाईराइड एवं ब्रेस्ट कैंसर से ग्रसित थी। मरीज का ट्यूमर ब्रेन के बोलने वाले भाग पर था। इस वजह से नई तकनीक जिसे अवेक सर्जरी कहते है, का इस्तेमाल कर इमरजेन्सी ऑपरेषन किया गया।
सर्जरी के लिए मरीज को अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. अजीत सिंह(Dr Ajit Singh) को रैफर कर दिया। इसके बाद परिजनों को डॉक्टर अजीत सिंह व डॉ. मनीष कुलश्रेष्ठ(Dr Manish Kulshrestha) ने ट्यूमर व उसके उपलब्ध उपचार के बारें में समझाया। उनको बताया की किस प्रकार ब्रेन की सर्जरी करके ट्यूमर को बाहर निकाल देगें और इस ऑपरेषन के दौरान मरीज को पूर्ण रुप से बेहोष नहीं करेगे बल्कि उन्हे होष में रखकर व उनसे बाते करके सर्जरी को पूर्ण किया जायेगा। क्योंकि बेहोष करके सर्जरी करने मे मरीज की आवाज जाने का खतरा बना रहता है।
डॉ. सिंह ने बताया की हमने मरीज के सिर को इन्जेक्षन देकर पहले सुन्न किया फिर उसका ऑपरेषन करना प्रारम्भ किया इस दौरान हम मरीज से बाते करते रहे और सर्जरी को अंजाम दिया। ऐसा करने के पीछे डॉ. अजीत सिंह ने बताया की मरीज के ब्रेन में कई लाखों नसे होती है, और बोलने वाले एरिया में जब ऑपरेषन करते है, तो पता नहीं चलता की कौनसी नस को काटने से मरीज को नुकसान हो रहा हैै। इस तकनीक में मरीज से बातें करते करते ऑपरेषन करने पर इस प्रकार का नुकसान नहीं होता है। और मरीज के ऑपरेषन की सफलता की दर भी बढ जाती है।
अब मरीज बिल्कुल स्वस्थ है एवं सभी से बाते कर रहीं है। ऑपरेषन की  टीम में डॉ. अजीत सिंह के अलावा डॉ. नितीन कौषिक (एनेस्थिषिया विषेषज्ञ)  का विषेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर विश्वजीत कुमार (Vishvjeet Kumar), हॉस्पिटल डायरेक्टर ने कहा की मरीज की सुरक्षा हमारा प्रथम उद्देश्य है। पारस जे. के. हॉस्पिटल इस महामारी में भी मरीजों को सभी प्रकार की मेडिकल एवं सर्जिकल इमरजेन्सी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related posts:

हिन्दुस्तान जिंक ने की वित्त वर्ष 2025 में 1 लाख गीगाजूल से अधिक एनर्जी की बचत, जो सालाना लगभग 19,00...

टाटा और हिन्दुस्तान जिंक के बीच एमओयू

हिन्दुस्तान जिंक को 4 श्रेणियों में 10 राष्ट्रीय पुरस्कार

नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में सैकड़ों रोगियों की नि:शुल्क जांच

Strengthening Brand Leadership in North India Hitachi aims high for Rajasthan’s promising Air Condit...

जयपुर में पहले इंटरनेशनल जैम ज्वैलरी शो का शुभारंभ

Kotak811 launches 3 in 1 super account

उदयपुर में श्रीमाली समाज को मिला संस्कारों का नया केंद्र, रविवार को श्री संस्कार भवन का भव्य लोकार्प...

पेटीएम पेमेंट्स बैंक लि. ने एक करोड़ से अधिक पेटीएम फास्टैग जारी करने का माइल स्टोन हासिल किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गिरनार रोपवे का उद्घाटन किया

ZINC FOOTBALL KIDS SHOULD LOOK UPTO PLAYERS LIKE ASHUTOSH MEHTA AND LALENGMAWIA, SAYS FORMER ISL COA...

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ साझेदारी में आरएलजी का आईईसी जागरूकता और संग्रह अभियान