उदयपुर। सलूंबर से भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा (65) को तबीयत बिगडऩे पर बुधवार को उदयपुर के एमबी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां देर रात को उनका निधन हो गया। सूचना पर उदयपुर और सलूंबर के भाजपा नेता और कार्यकर्ता हॉस्पिटल पहुंचे। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है । वे लगातार तीन बार सलूंबर के विधायक रहे।
अमृतलाल मीणा का जन्म सलंबूर जिले के लालपुरिया गांव में 1959 में हुआ था। मीणा ने वर्ष 2004 में पंचायत समिति सराड़ा के सदस्य के तौर पर राजनीति की शुरुआत की थी। उसके बाद साल 2007-10 तक जिला परिषद उदयपुर के सदस्य और 2010 में पंचायत समिति सराड़ा में प्रतिपक्ष नेता बने। वे पहली बार विधायक वर्ष 2013 में चुने गए। उन्होंने कांग्रेस की बसंती देवी मीणा को हराया था। इसके बाद 2018 और 2023 में कांग्रेस के रघुवीरसिंह मीणा को हराकर विधानसभा पहुंचे। अमृतलाल राजस्थान विधानसभा में प्राक्कलन समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, विशेषाधिकार समिति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के सदस्य रहे। वे करीब 20 वर्ष तक राजनीति में सक्रिय रहे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में अमृतलाल मीणा की पत्नी शांतादेवी सेमारी से सरपंच का चुनाव जीती थीं। शांता देवी की प्रतिद्वंदी सुगनादेवी ने उनके खिलाफ फर्जी मार्कशीट की शिकायत दर्ज कराई। सीबीसीआईडी की जांच में मार्कशीट फर्जी पाई गई। अमृतलाल मीणा ने बतौर अभिभावक पत्नी की पांचवीं की मार्कशीट पर साइन किए थे। इसलिए उन्हें आरोपी बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मीणा की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था तब उन्हें 10 दिन से ज्यादा समय जेल में रहना पड़ा था।