कैडवेरिक घुटने आर्थाेप्लास्टी कॉन्क्लेव

उदयपुर। पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पिम्स) उमरडा के ऑर्थोपेडिक विभाग द्वारा घुटने बदलने की नई तकनीक कैडवेरिक पर शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। पिम्स के चैयरमेन आशीष अग्रवाल ने बताया है कि कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के वक्ता और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें 90 प्रतिनिधियों का पंजीकरण हुआ है।
ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. बी. एल. कुमार ने बताया है कि इस कार्यशाला में घुटने बदलने की नई तकनीक, रोबोटिक सर्जरी एवं आर्टिफिशल इंटीलिजेंश (एआई) के बारे में बताया जायेगा। कार्यशाला में शनिवार को घुटने बदलने की विभिन्न तकनीक पर विशेषज्ञों ने सारभूत जानकारी दी। रविवार को वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा कैडवेरिक पर लाइव प्रदर्शन होगा जिससे कार्यशाला में आए प्रतिभागियों को सीखने का मौका मिलेगा।

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