उदयपुर में विकास कार्यों की लगी झड़ी, दो दिन में करीब 35 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास’

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विकास कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
उदयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ‘आपणो अग्रणी राजस्थान‘ के संकल्प के साथ उदयपुर में विकास कार्यों का सुनहरा अध्याय लिखा जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवासन, स्वायत्त शासन विभाग मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपने उदयपुर दौरे के दौरान सोमवार और मंगलवार को महज 12 घंटे से भी कम अंतराल में लगभग 35 करोड़ के विकास कार्यों और परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। उन्होंने मंगलवार को उदयपुर शहर के दक्षिण विस्तार योजना में नवनिर्मित सामुदायिक केंद्र का लोकार्पण, उदयपुर विकास प्राधिकरण की 1109 भूखंडों की तीन नवीन आवासीय योजनाओं के शुभारंभ सहित विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने शहरी सेवा शिविरों में लाभार्थियों को पट्टा वितरण भी किया। इस अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़, रवींद्र श्रीमाली, पुष्कर तेली, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, यूडीए आयुक्त राहुल जैन भी मौजूद रहे। इससे पहले सोमवार देर शाम को प्रतापनगर स्थित महिला थाना फ्लाईओवर से भुवाणा चौराहे से प्रतापनगर चौराहे तक 2 करोड़ 25 लाख की लागत से डेकोरेटिव पोल एवं स्ट्रीट लाइटिंग का बटन दबाकर लोकार्पण किया।


दक्षिण विस्तार योजना में नवनिर्मित सामुदायिक केंद्र में आयोजित समारोह में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि उदयपुर शहर पर्यटन के लिए दुनियाभर में मशहूर है। शहर का सुनियोजित विकास, साफ-सफाई, रोशनी और नागरिकों का सौम्य व्यवहार निश्चित रूप से पर्यटन को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शहरी और ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अल्प आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के नागरिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।


राइजिंग राजस्थान के माध्यम से लगभग 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हुए। अब तक लगभग 5 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरकर काम शुरू हो चुका है। अक्टूबर माह के अंत तक लगभग 4-5 लाख करोड़ रूपये के अन्य निवेश प्रस्तावों पर भी धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। इससे राजस्थान की आर्थिक उन्नति होगी, रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राजस्थान में सामान्यतः दो बातों की ज्यादा कमी महसूस की जाती थी। हमारे प्रदेश का बहुत बड़ा हिस्सा मरूस्थलीय होने से पानी की कमी और दूसरा बिजली का उत्पादन कम था। पिछले बीस माह में पेयजल और खेती के लिए जल की उपलब्धता के लिए काम किया गया है। पिछले साल दिसम्बर में राजस्थान के 17 जिलों के लिए प्रधानमंत्री के कर कमलों से राम जल सेतु परियोजना की शुरुआत हुई। वहीं, वर्षों से लंबित हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच यमुना जल समझौता होकर टास्क फोर्स का निर्माण हो चुका है। परियोजना रिपोर्ट प्राप्त होते ही उस पर भी तेजी से काम शुरू होगा। इससे शेखावाटी के तीन जिलों के लिए पानी का संकट समाप्त हो जाएगा। बांसवाड़ा में गुजरात के साथ हिस्सेदारी में माही बांध बना था। उसमें गुजरात की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी थी लेकिन उसमें एक यह शर्त थी कि जब भी गुजरात का सरदार सरोवर बांध का निर्माण पूरा हो जाएगा और सरदार सरोवर बांध का जल निर्धारित अंतिम क्षेत्र तक पहुंच जाएगा, तब गुजरात अपने हिस्से के जल पर अपना अधिकार छोड़ने पर विचार करेगा। राजस्थान और गुजरात सरकार के बीच प्रारंभिक बातचीत हो चुकी है और गुजरात सरकार ने सैद्धांतिक रूप से अपने जल के हिस्से पर दावा छोड़ने पर सहमति प्रदान कर दी है। इसके अलावा चम्बल और अन्य नदियों का पानी बहकर समुद्र में जाता है, उस पानी को भी नियोजित रूप से पाली, जोधपुर और नागौर ले जाने की परियोजना पर काम चल रहा है। पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि समझौते को निलंबित कर दिया गया है और अब प्रयास चल रहा है कि ब्यास नदी का पानी भी राजस्थान लाया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हाल ही बांसवाड़ा में 2800 मेगावाट की परमाणु विद्युत परियोजना का शिलान्यास किया है। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा, तो राजस्थान अपनी विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ ही अन्य प्रदेशों को भी विद्युत सप्लाई करने की स्थिति में आ जाएगा।
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राजस्थान सरकार एक और महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। ताप बिजली घरों के कोयले की सप्लाई के लिए भारत सरकार ने राजस्थान को छत्तीसगढ़, झारखंड में कोयले के ब्लॉक आवंटित कर रखे हैं। राजस्थान सरकार वहां की राज्य सरकारों से बातचीत करके वहां नए ताप बिजली घर लगाने के लिए जमीन आवंटन करवाने के लिए प्रयास कर रही है। राजस्थान सरकार एनटीपीसी के साथ साढे़ तीन लाख करोड़ की लागत से वहां नए ताप बिजली घर स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोयले की ढुलाई में जितना खर्च होता है, उसके 10 फीसदी खर्च में ट्रांसमिशन लाइन के जरिए वहां उत्पादित बिजली राजस्थान ला पाएंगे। इस प्रकार जो 90 फीसदी की बचत होगी, उससे आम उपभोक्ताओं को बिजली दरों में राहत मिलेगी।
राजस्थान सरकार ने बजट में 5000 गांवों को गरीबी मुक्त बनाने की घोषणा की थी, जिसे बढ़ाकर अब चरणबद्ध रूप से10 हजार गांवों का लक्ष्य तय किया गया है। इन 10 हजार गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से गरीबों की आय बढ़ाकर गरीबी रेखा से ऊपर लाएंगे। ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों में समाज के अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है।  
राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सपना है कि कोई भी बिना आवास के न रहे। उन्होंने यूडीए की आवासीय भूखंड योजना को ऐतिहासिक पहल बताते हुए सभी को बधाई दी। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और शहर विधायक ताराचंद जैन ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उदयपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।  
इन विकास कार्यों का शिलान्यास :
झाबर सिंह खर्रा ने रिमोर्ट बटन दबाकर विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं का शिलान्यास किया। आर्थिक दृष्टि से कमजोर, अल्प आय, मध्यम आय और उच्च आय वर्ग के लिए साउथ एक्सटेंशन सेक्टर-ए में 550 भूखण्ड, कलड़वास में उद्यम विहार में 311 और राजस्व गांव नौहरा में नान्देश्वर एनक्लेव में 248 सहित कुल 1109 आवासीय भूखण्डों की आवासीय योजना लॉटरी-पुस्तिका का विमोचन और शुभारम्भ किया। वहीं, एनएच-8 बलीचा तिराहे से कुंडाल तक प्रोफाइल करेक्शन एवं डामरीकरण (7.12 करोड़) राजस्व ग्राम ढिकली में मास्टर प्लान की 60 फीट पुराना आरटीओ सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य (4.27 करोड़),  प्राधिकरण की मीरा नगर योजना, भुवाणा में 100 फीट रोड जोड़ने वाली मास्टर प्लान सड़क (3.21 करोड़) कलड़वास आवासीय योजना में आंतरिक सड़कें (2.90 करोड़), दक्षिण विस्तार योजना में आंतरिक सड़कों के निर्माण कार्य ब्लॉक-सी (3.10 करोड़), सापेटिया, समता नगर, बीजी नगर से मानसरोवर कॉलोनी तक नाला (4.09 करोड़), राजस्व ग्राम भुवाणा में डागलियों के तालाब तक खजुरिया नाला (2.93 करोड़) एकलिंगपुरा गांव से आयड़ नदी तक नाला (2.68 करोड़), परशुराम चौराहे से जनकपुरी तक नाला निर्माण (1.74 करोड़) और माली कॉलोनी जेसी बॉस सड़क पर स्थित आरसीए वाणिज्यिक योजना बी-ब्लॉक में टेकरी से राड़ाजी तक की 60 फीट सड़क निर्माण (59 लाख) शामिल हैं।

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर स्वच्छ सर्वेक्षण कार्यशाला एवं सफाई मित्र सम्मान समारोह :
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर नगर निगम उदयपुर की ओर से मंगलवार को सुखाड़िया रंगमंच सभागार में स्वच्छ सर्वेक्षण कार्यशाला एवं सफाई मित्र सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा रहे। इस अवसर पर नगर निगम अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।


झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि संत श्री वाल्मीकि ने समाज को नई राह दिखाई और आज भी वाल्मीकि समाज पूरे समर्पण के साथ साफ-सफाई का दायित्व निभा रहा है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को सफाई कर्मियों के प्रति अपनत्व का भाव रखना चाहिए। सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर मंत्री खर्रा ने कहा कि यूनियनों एवं अन्य स्रोतों से लगातार सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर पूर्व में भर्ती प्रक्रिया स्थगित की गई थी। वर्तमान में भी सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है और शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जाएगी। मंत्री खर्रा ने उदयपुर नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में देश के शीर्ष 20 शहरों में स्थान पाने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि निगम अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत और शहरवासियों के सहयोग से आने वाले सर्वेक्षण में उदयपुर देश के शीर्ष 5 शहरों में शामिल होगा। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने सफाईकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नगर स्वच्छ रहेगा तो समृद्धि अपने आप आएगी। उन्होंने सफाई कर्मियों को सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि फाई सैनिक की उपाधि देते हुए समाज में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। समारोह में शहर की साफ-सफाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सफाई कर्मचारियों को मंत्री खर्रा एवं अन्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, जिला कलेक्टर नमित मेहता, पूर्व यूआईटी चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली, पूर्व उपमहापौर पारस सिंघवी, समाजसेवी गजपाल सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं सफाई मित्र मौजूद रहे।

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