बलीचा मंडी स्थित फल मंडी में खुली अत्याधुनिक सुविधा, मसालों की ग्राइंडिंग यूनिट भी होगी संचालित
उदयपुर : राजस्थान के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई दिशा देते हुए उदयपुर के बलीचा मंडी स्थित फल मंडी में राज्य का पहला जामुन, सीताफल और आंवला फ्रूट प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर शुरू किया गया। यह प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर न केवल उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस अत्याधुनिक प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय कैबिनेट मंत्री चिराग पासवान द्वारा किया गया। इस अवसर पर उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, शहर विधायक ताराचंद जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
यह नई सुविधा बलीचा मंडी की फल मंडी में स्थापित की गई है, जहाँ फलों के पल्प के साथ-साथ मसालों की ग्राइंडिंग (पीसने) का कार्य भी किया जाएगा। इससे स्थानीय किसानों, फल व्यापारियों और फूड बिज़नेस ऑपरेटर्स (FBOs) को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर के संचालन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे अभिषेक गुप्ता, फाउंडर – खंडेलवाल फूड इंडस्ट्रीज ने बताया कि यह केवल उदयपुर का ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान का पहला ऐसा फ्रूट प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्थानीय स्तर पर फलों की प्रोसेसिंग संभव होगी, जिससे किसानों को बेहतर दाम, रोज़गार के नए अवसर और एफबीओs को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल उपलब्ध होगा। यह इकाई “लोकल से वोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” की सोच को मज़बूती देगी।
इस परियोजना से न केवल उदयपुर बल्कि आसपास के जिलों के किसानों, उद्यमियों और खाद्य उद्योग से जुड़े लोगों को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
उदयपुर में राजस्थान का पहला जामुन, सीताफल व आंवला प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर शुरू
