माइक्रो लोन्स हासिल कर सफल उद्यमी बनी देविका दीदी

उदयपुर। माइक्रो लोन्स-गरीब परिवारों और व्यवसायों को चुनौतीपूर्ण समय में जीवित रहने और फलने-फूलने में मददगार साबित हुआ है। जहां लॉकडाउन ने सफेदपोश प्रोफेशनल्स को अपने घरों के आराम से काम करने में सक्षम बनाया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कम आय वाले परिवारों के लिए जीवित रहना काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। लॉकडाउन ने ग्रामीण भारत में दुकान मालिकों की आय के प्रवाह को बुरी तरह प्रभावित किया। हालांकि उदयपुर के गोगूंदा गाँव की देविका राजन जिन्हें ‘देविका दीदी’ के नाम से जाना जाता है, ने हार मानने से इनकार कर दिया और फायनेंशियल क्राइसिस को मैनेज करने का फैसला किया। देविका स्वतंत्र माइक्रोफिन एनबीएफसी-एनएफआई से मात्र 40 हजार रूपये का ऋण प्राप्त कर पूरे गांव के लिये एक सफल उद्यमी का उदाहरण बन गई और अपने कारोबार को जमा लिया है।
पिछले वर्ष लॉकडाउन के चलते उनके पति देवेंद्र की वेल्डिंग की दुकान बन्द हो गई और देविका की छोटी कॉस्मेटिक शॉप बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसके कारण पूरे परिवार को बचाए रखना दुष्कर काम हो गया क्योंकि देवेंद्र मुश्किल से 2 हजार रुपए मासिक ही कमा पा रहा था। ऐसे में देविका ने उपहार देने वाली वस्तुओं को अपने व्यवसाय की मुख्य यूएसपी (यूनिक सेल प्रपोजिशन) बनाने का फैसला किया। उसने नए उत्पादों को स्टॉक करने वाली नवीनता की दुकान के साथ अपने व्यवसाय का विस्तार करने का निर्णय लिया। स्वतंत्र माइक्रोफिन एनबीएफसी-एमएफआई से माइक्रो लोन के लाभों के बारे में समझ ज्वाइंट लाइबलेटी प्रोग्राम में पंजीकरण किया और 40,000 रुपये की पहली ऋण राशि प्राप्त की। धीरे-धीरे, उसके उत्पादों की मांग बढऩे लगी जिससे अर्जित लाभ के साथ जीवनस्तर में सुधार हुआ।
आज देविका न केवल एक सफल उद्यमी होने का एक उदाहरण बन गई हैं बल्कि पूरे गांव की प्रत्येक महिला के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, उसने उम्मीद नहीं खोई और अपने परिवार का समर्थन करने के लिए दृढ़ थी। देविका ने सही समय पर उपयुक्त समर्थन प्राप्त करके लॉकडाउन चरण के दौरान कठिनाइयों को सफलतापूर्वक पार कर लिया। वह अपनी सफलता का श्रेय स्वतंत्र माइक्रोफिन को देती हैं जिन्होंने महामारी के दौरान उनका समर्थन किया और परिवार की आर्थिक स्थिति को स्थिर करने में उनकी मदद की।
स्वतंत्र माइक्रोफिन एक अगली पीढ़ी की माइक्रोफाइनेंस इकाई है जो अलग-अलग बैंकिंग समाधान पेश करती है, जो बिना बैंक वाले क्षेत्र के लोगों को बैंक की सुविधाएं प्रदान करने के लिए तकनीकी नवाचार का लाभ उठाती है। इसका उद्देश्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है जहां पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली प्रवेश नहीं कर सकती है। हम इसे एक समग्र वित्तीय और गैर-वित्तीय पेशकश के माध्यम से प्राप्त करते हैं, जिसमें माइक्रोक्रेडिट मुख्य फोकस है। संगठन नवाचार के माध्यम से उद्यमिता, पारदर्शिता और व्यवधान के सिद्धांतों पर आधारित है।

Related posts:

सांची ग्रुप करेगा 40 वूमन अचीवर्स का सम्मान

गर्भावस्था के शुरुवाती नुकसान के बाद भी मातृत्व सुख

एचडीएफसी बैंक ने राजस्थान में 250 शाखाओं को पार किया

आईएसबी हैदराबाद ने जीता वेदांता का केस स्टडी कंपटीशन

NPCI initiates #IndiaPaySafe through on-going ‘UPI Chalega’ campaign to promote paying safe

Hindustan Zinc’s Rampura Agucha Mine wins top awardat the International Convention on Quality Contro...

पारस जे. के. हाॅस्पिटल में मनाया गया इन्टरनेशनल नर्सेज डे

फुटबॉल के साथ अब प्रदेश में तीरंदाजों को तराशेगा हिन्दुस्तान जिंक

हाउस ऑफ तिलोई की उदयपुर में चिकनकारी प्रदर्शनी ‘समहिता’ 13 से

Bollywood Fashionista Ananya Panday Hosts a ‘Fashion and Glow Up’ Experience, only on Airbnb

एचडीएफसी बैंक को 18155 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

हिंदुस्तान जिंक की मेजबानी में एमईएआई राजस्थान चैप्टर ने मनाया भारतीय खनन दिवस