ट्रूकॉलर और साइबरपीस फाउंडेशन ने नुक्कड़ नाटकों से दी साइबर सुरक्षा की जानकारी

उदयपुर : विश्व का एक प्रमुख वैश्विक संचार के प्लैटफॉर्म, ट्रूकॉलर एक गैर-पक्षधर नागरिक समाज संसंस्थान, साइबरपीस फाउंडेशन के सहयोग से, #TrueCyberSafe अभियान के अंतर्गत डिजिटल सुरक्षा पर केंद्रित पहले नुक्कड़ नाटक का जयपुर, राजस्थान में आई.आई.एस. (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में आयोजन किया। इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य जागरूकता फैलाना और लोगों को साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना है जिससे समाज के लिए एक सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव संभव हो सके। #TrueCyberSafe अभियान के अंतर्गत सुरक्षा प्रशिक्षण फरवरी 2022 से देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदान किया जा रहा है और इसे 10 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुँचा दिया गया है।

वरिष्ठ कानून प्रवर्तन अधिकारी राजीव शर्मा आई.पी.एस., अतिरिक्त डी.जी.पी. सह निदेशक, राजस्थान पुलिस अकादमी ने मुख्य अतिथि के तौर पर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद राजहंस, सलाहकार, साइबर पीस फाउंडेशन, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा मुख्य भाषण के साथ हुआ और इसके बाद छात्रों को साइबर खतरों और धोखाधड़ी के बढ़ते संकट के बारे में शिक्षित करने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के लिए #TrueCyberSafe प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। 

 

ट्रूकॉलर की पब्लिक अफेयर्स की निदेशिका सुश्री प्रज्ञा मिश्रा ने कहा: “हमने फरवरी 2022 में #TrueCyberSafe अभियान को शुरू किया था और तब से ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से 10 लाख से अधिक नागरिकों को हम प्रशिक्षण प्रदान कर चुके हैं। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से आगे नागरिकों तक पहुँचने के हमारे प्रयासों में, हमने साइबर सुरक्षा के संदेश और महत्व को एक अभिनवकारी, मज़ेदार और हल्के-फुल्के तरीके से लोगों तक पहुँचाने के लिए संचार के माध्यम के तौर पर नुक्कड़ नाटकों पर काम किया। हमें विश्वास है कि नुक्कड़ नाटकों के दृश्यों के प्रति लोगों की बेहतर प्रतिक्रिया प्राप्त होगी, जिससे अपने डिजिटल अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए वे अपने मित्रों और परिवार के लोगों को इससे मिली सीख को औरों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।”

राजीव शर्मा ने कहा “रिपोर्टों के अनुसार, प्रति वर्ष 1.5 मिलियन साइबर अटैक्स होते हैं, जिसका मतलब है कि लगभग 4000 साइबर अटैक्स हर दिन और लगभग 170 अटैक्स हर घंटे होते हैं। इस समस्या का समाधान करने का सबसे अच्छा उपाय जागरूकता का होना समझ आता है। मुझे यकीन है कि तकनीक की जानकारी रखने वाले, स्मार्टफोन, लैपटॉप, आईपैड रखने वाले सभी छात्र उनका आसानी से उपयोग कर पाते हैं, लेकिन आज केवल उन उपकरणों का उपयोग कैसे करना है, यह जानना ही काफी नहीं होता है, जब भी आप ऑनलाइन हों, चाहे फोन पर हों या लैपटॉप पर, आपको उन ख़तरों की जानकारी होनी चाहिए। जब तक आप इन सभी समस्यायों से निपटने के लिए तैयार और जागरूक नहीं होंगे, हालात अपने नियंत्रण से बाहर हो जायेंगे। इसलिए जागरूक होना और सीखते रहना हमारे लिए लाभकारी है, क्योंकि टेक्नोलॉजी अपडेट होती रहती है। ट्रूकॉलर और सी.पी.एफ. के साथ इन प्रशिक्षणों को प्राप्त करने की बात करें तो हम राजस्थान में सबसे अधिक संख्या में लोगों तक पहुँचना चाहते हैं।”

साइबरपीस फाउंडेशन के वैश्विक अध्यक्ष एवं संस्थापक मेजर विनीत कुमार ने “साइबरपीस – आज की ज़रूरत” के बारे में बताते हुए कहा: “साइबरपीस फाउंडेशन साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। इसी दिशा में, धोखाधड़ी के मामलों की संख्या को कम करने की प्रत्याशा में जयपुर के नागरिकों को यह जानकारी प्रदान करते हुए आज हमें खुशी हो रही है। साइबरपीस फाउंडेशन और ट्रूकॉलर साथ मिलकर वास्तव में सीखने के परिवर्तनकारी अनुभव प्रदान कर सकते हैं जो व्यावहारिक महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं और हम प्रतिभागियों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण साइबर क्षेत्र के लिए अपनाने हेतु सबक प्रदान करने के लिए आशान्वित हैं।”

इस कॉलेज में प्रशिक्षण सत्र से पहले, जयपुर के भीतर प्रमुख स्थानों जैसे सिंधी कैंप बस स्टैंड, चाँदपोल बाज़ार और जौहरी बाजार में देवरी जी के मंदिर पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया ताकि जनता का ध्यान आकर्षित किया जा सके और उन्हें घोटालों और धोखाधड़ी से बचाने के लिए साइबर सुरक्षा पर संदेश दिया जा सके। नुक्कड़ नाटक कलाकारों के एक विशेष समूह द्वारा प्रस्तुत किए गए थे।

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