डेटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया ने अपने रीच ईच चाइल्ड पहल के साथ मनाया विश्व स्तनपान सप्ताह

उदयपुर / राजसमंद। डेटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया के रीच ईच चाइल्ड प्रोग्राम ने अपने पार्टनर प्लान इंडिया के साथ राजस्थान के राजसमंद और महाराष्ट्र के अमरावती और नंदुरबार, में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया। इसके तहत 1 से 7 अगस्त के बीच पूरे सप्ताह भर विभिन्न जागरुकता अभियानों, कार्यशालाओं और रैलियों के माध्यम से महिलाओं और समुदायों के बीच स्तनपान के प्रति जागरुकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान दोनों राज्यों के इंटरवेंशनल ब्लॉकों के 36 गांवों में नौ रैलियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए।
इस समारोह में आशा और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। ये आशा और आंगनबाडी कार्यकर्ता कम्युनिटी न्यूट्रिशन वर्कर्स के साथ मिलकर गांवों में स्तनपान के बारे में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस कार्यक्रम ने उन माताओं को भी सम्मानित किया, जिन्होंने शुरुआत में तो कम वजन वाले बच्चों को जन्म दिया, लेकिन लगातार स्तनपान करा कर बच्चे की पोषण की स्थिति को सामान्य स्थिति तक लाने में सफलता प्राप्त की। इस कार्यक्रम के तहत, क्षेत्रीय भाषाओं में IEC वीडियो दिखाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को सिनेमा हॉल में बदल दिया गया, वहीं दर्शकों को इस कार्यक्रम से जोड़ने के लिए इंटरैक्टिव गेम्स और वीडियो की मदद ली गई। स्तनपान के लाभ को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और बच्चे के पहले 6 महीनों के लिए खासतौर पर स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं ने गांवों की ’परिक्रमा’ भी की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री नंदलाल मेघवाल, उप निदेशक आईसीडीएस, राजसमंद, राजस्थान, डॉ. रामदेव वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, अमरावती, डॉ. तिलोत्तमा वानखेड़े, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी, धरनी, अमरावती, डॉ. एस.एन. परमार-चिकित्सा अधिकारी, धडगांव, नंदुरबार, महाराष्ट्र उपस्थित थे।
रवि भटनागर, डायरेक्टर, एक्सटर्नल अफेयर्स एंड पार्टनरशिप, SOA, रेकिट ने कहा, “बच्चे के समग्र विकास के लिए स्तनपान बहुत जरुरी है। भविष्य में बच्चे की सेहत और उसके विकास के लिए स्तनपान महत्वपूर्ण है। सही आदतों के बारे में जानकारी और जागरूकता की कमी को देखते हुए इस पहल से प्राप्त अनुभव कई माताओं के लिए बहुत आवश्यक सिद्ध हो सकता है। रीच ईच चाइल्ड के माध्यम से, हम नई और गर्भवती माताओं में स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम करते हैं, यह कार्यक्रम सीधे उनके जीवन को प्रभावित करते हैं। हमारा कार्यक्रम दोनों राज्यों में 11,000 गर्भवती महिलाओं की मदद कर रहा है और 91% नई माताओं को स्तनपान शुरू कराने में मदद कर रहा है।”
मोहम्मद आसिफ, एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर, प्लान इंडिया ने कहा, ’प्लान इंडिया में, हम सभी विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का हिस्सा बनकर बेहद गर्व और प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं। इस तरह के जागरूकता अभियान हमेशा मां और बच्चे के लिए स्तनपान के महत्व और इससे जुड़ी चुनौतियों पर हमारा ध्यान आकर्षित कराते हैं। रीच ईच चाइल्ड प्रोग्राम महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाली मातृत्व देखभाल प्रदान करके उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए जानकार और सशक्त बनाने में मदद करता है, जिससे वे अपनी और अपने बच्चों की देखभाल कर सकें।”
नंदलाल मेघवाल, उप निदेशक आईसीडीएस, राजसमंद, राजस्थान ने कहा, “रीच ईच चाइल्ड एक ऐसी पहल है जो समुदाय के व्यवहार में बदलाव लाने की दिशा में काम करती है। यह पहल स्वास्थ्य साक्षरता लेकर आती है, जिसकी बहुत कमी है। विशेष रूप से बच्चे के जीवन के पहले छह महीनों में स्तनपान को लेकर जागरुकता में बहुत कमी है। मुझे विश्वास है कि मौजूदा सिस्टम पर काम करते हुए और इसकी मदद करते हुए यह प्रोजेक्ट समाज के लोगों के लिए बहुत अच्छा काम करेगा।’
डॉ. रामदेव वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, अमरावती ने सप्ताह भर चलने वाले उत्सव की सराहना की और इस जागरूकता अभियान को सफलतापूर्वक आयोजित करने पर टीम को बधाई दी। उन्होंने बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने और NRC में दाखिले बढ़ाने के लिए रीच ईच चाइल्ड टीम के प्रयासों की भी सराहना की।
डॉ. तिलोत्तमा वानखेड़े, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी, धरनी, अमरावती ने कहा, ’रीच ईच चाइल्ड के निरंतर प्रयासों के साथ हम अपना मुकाम हासिल कर सकते हैं और 6 महीने की उम्र तक के बच्चों के लिए 100 प्रतिशत विशेष स्तनपान के लक्ष्य तक पहुँच सकते हैं।’
डॉ. एस.एन. परमार-चिकित्सा अधिकारी, धडगांव, नंदुरबार ने कहा, “स्तनपान, स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में भी महिलाओं की जानकारी बढ़ाना बहुत ही जरूरी है, इस दिशा में रीच ईच चाइल्ड टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रम बहुत ही उपयोगी और लाभदायक है। इस तरह के आयोजन नियमित अंतराल पर होने चाहिए ताकि हम पैदा हो रहे बच्चों की भी सुरक्षा कर सकें। मैं एक बड़े समुदाय के लिए प्लान टीम की बेहतरीन पहलों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”
रीच ईच चाइल्ड प्रोग्राम में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर के नेतृत्व में माताओं की बैठक, समूह चर्चा, स्वास्थ्य वार्ता आयोजित की गई, जिसमें स्तनपान के लाभों और चुनौतियों के बारे में बात करने का अवसर प्रदान किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्तनपान के लाभों और पहले 6 महीनों के लिए बच्चों को विशेष रूप से स्तनपान कराने की जरूरतों पर प्रकाश डाला।
लोगों को शिक्षित करने और उनकी मदद करने की थीम के साथ, यह पहल बच्चों, माताओं, महिलाओं और किशोर लड़कियों को स्वस्थ जीवन शैली, बेहतर पोषण और बेहतर स्वच्छता प्रदान करते हुए स्तनपान की सही आदतों और पोषण से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा देती है। रीच ईच चाइल्ड स्थानीय स्तर पर की गई पहलों के माध्यम से जीवन के पहले 1,000 दिनों के भीतर बच्चों के लिए पर्याप्त पोषण को प्राथमिकता देता है। इस प्रक्रिया में सामुदायिक पोषण कार्यकर्ता पर सूचनाएं और सेवाओं को पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है। इस कार्यक्रम ने पिछले दो वर्षों में कई परिवारों की मदद की है, इसके चलते अमरावती और नंदुरबार जिलों में सहायता प्राप्त किसी भी बच्चे की कुपोषण से मौत नहीं हुई है।

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