हिन्दुस्तान ज़िंक के तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा

रिकॉर्ड उच्च तिमाही: अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिष्कृत धातु उत्पादन, 2701 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ

उदयपुर : जस्ता, सीसा और चांदी की अग्रणी वैश्विक एकीकृत उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने शुक्रवार को आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 31 दिसम्बर 2021 को समाप्त तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही की प्रमुख उपलब्धियॉं:-

खनित धातु उत्पादन: 252 केटी
रिफाइन्ड धातु उत्पादनः 261 केटी
बिक्रीयोग्य चांदी का उत्पादन: 173 मैट्रिक टन
ज़िंक सीओपीः 1148 डॉलर प्रति टन

हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के प्रदर्शन पर कहा कि हमने अब तक का सबसे अच्छा नौ महिनों में खनन धातु उत्पादन और ऐतिहासिक उच्च त्रैमासिक परिष्कृत धातु उत्पादन किया है। मौजूदा रन रेट के आधार पर हमें इस साल दस लाख का आंकड़ा पार करने का विश्वास है। हिन्दुस्तान जिंक वैश्विक प्रौद्योगिकी और उपकरणों में निवेश के लिए भी तैयार है ताकि मूल्य वर्धित जस्ता मिश्र धातु उत्पादों का उत्पादन किया जा सके और घरेलु बाजार में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता से मेल खा सके। हमारी ईएसजी यात्रा बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और हम डाउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में पर्यावरण श्रेणी में धातु और खनन में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर रहने के लिए खुश हैं। हम अपने खनन कार्यों को कार्बनमुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अपनी जलवायु परिवर्तन पहल के तहत अगले 5 वर्षों में एक बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे ताकि तापीय उर्जा पर निर्भरता को कम करने के साथ 2050 तक नेट जीरो की हमारी यात्रा पर अग्रसर होे सकें।

हिन्दुस्तान जिं़क के अंतरिम मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री संदीप मोदी ने कहा कि ’’हमने ऐतिहासिक उच्च त्रैमासिक राजस्व और ईबीआईटीडीए के साथ साथ अंडर ग्राउंड माइनिंग में ट्रांजिशन के बाद से अब तक का उच्चतम लाभ दिया है। उर्जा की लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद हमने पिछली तिमाही से लगभग समान स्तर पर लागत बनाए रखी है। अनुकूल एलएमई कीमतों के साथ परिचालन क्षमता और लागत युक्तिकरण पर हमारे निरंतर प्रयासों ने हमें इस समय मार्जिन सुधार करने और अपने स्टेकहोल्डर्स के लिए उद्य़ोग को अग्रणी रिटर्न उत्पन्न करने में सक्षम बनाया है।

आपरेशनल प्रदर्शन :

खनन खातु का उत्पादन तिमाही में पिछले वर्ष के मुकाबले 3.4 प्रतिशत अधिक 252 केटी रहा और नौ महीनों के मुकाबले 5.5 प्रतिशत अधिक 722 केटी रहा। यह सिन्देसरखुर्द, रामपुरा आगूचा और जावर खदानों में उच्च अयस्क उत्पादन के कारण रहा। आंशिक रूप से निम्न खनन ग्रेड द्वारा रिकवरी हुई। मुख्य रूप से कायड़़ और सिन्देसर खुर्द खदानों में उच्च अयस्क उपचार एवं रिकवरी के कारण क्रमिक रूप से खनन धातु उत्पादन में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

तिमाही में एकीकृत धातु उत्पादन 261 केटी रहा जो पिछले वर्ष के मुकाबले 11 प्रतिशत एवं क्रमिक रूप से 25 प्रतिशत अधिक रहा। इसमें बेहतर संयंत्र और खनन धातु की उपलब्धता और बेहतर परिचालन मानकों का योगदान रहा। एकीकृत जस्ता उत्पादन 214 केटी रहा जो पिछले वर्ष के मुकाबले 17 प्रतिशत अधिक और क्रमिक रूप से 32 प्रतिशत अधिक रहा। एकीकृत सीसा उत्पादन 47 केटी क्रमिक रूप से सपाट रहा लेकिन केवल सीसा मोड की तुलना में सीसा-जस्ता मोड पर पायरो प्लांट संचालन के कारण 10 प्रतिशत कम रहा। कुल मिलाकर नौ महीने में धातु उत्पादन 707 केटी रहा जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5 प्रंतिशत बेहतर रहा। एकीकृत चांदी का उत्पादन 173 मैट्रिक टन रहा जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5 प्रतिशत एवं क्रमिक रूप से 14 प्रतिशत अधिक था। नौ महीने की अवधि में चांदी का उत्पादन साल दर साल 4 प्रतिशत कम होकर 485 मैट्रिक टन रहा जो कम सीसा धातु उत्पादन और चांदी विप में कमी के अनुरूप था।

वित्तीय प्रदर्शन :

वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने 7990 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया है जो 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है जो उच्च जस्ता मात्रा और उच्च जस्ता-सीसा एलएमई कीमतों के साथ उच्च प्रीमियम के नेतृत्व में हुआ। वर्ष के दौरान जस्ता और सीसा एलएमई की कीमतें क्रमशः 28 और 23 प्रतिशत बढ़ीं।

तिमाही के लिए शुद्ध लाभ 2701 करोड़ रूपए रहा जो वर्ष दर वर्ष 23 प्रतिशत और 34 प्रतिशत क्रमिक रूप से अधिक रहा। वृद्धि का मुख्य कारण उच्च मात्रा और धातु की उच्च कीमतों का होना रहा। नौ महीनों के लिए शुद्ध लाभ 6701 करोड़ रूपए रहा जो वर्ष दर वर्ष 22 प्रतिशत अधिक है।

तीसरी तिमाही में क्रमिक राजस्व में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई उच्च धातु और चांदी उत्पादन के साथ जस्ता एलएमई की कीमतों के कारण चांदी की कम कीमतों और डब्ल्यूपीपी वॉल्यूम से ऑफसेट किया गया। क्रमिक रूप से जस्ता और चांदी की बिक्री में क्रमशः 29 और 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि सीसे की बिक्री सपाट ही रही।

तिमाही के लिए रॉयल्टी से पहले जिंक कॉस्ट प्रोडक्शन (सीओपी) जिंक की उत्पादन लागत 1148 डॉलर (85969 रूपए) प्रति मैट्रिक टन रही जो वर्ष दर वर्ष 21 प्रतिशत और क्रमिक रूप से 2 प्रतिशत अधिक थी। दिसम्बर 2021 को समाप्त नौ महीनों के लिए सीओपी 1116 डॉलर (82834 रूपए) प्रति मैट्रिक टन रही जो सालाना 16 प्रतिशत अधिक थी। कोयले और कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि के कारण कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन (सीओपी) प्रभावित हुआ है जो आंशिक रूप से बेहतर मात्रा, परिचालन क्षमता और रिकवरी से आफसेट हुआ है।

तिमाही के लिए इबित्दा 4392 करोड रूपए था जो वर्ष दर वर्ष 33 प्रतिशत अधिक और 32 प्रतिशत क्रमिक रूप से अधिक रहा। दिसम्बर 2021 को समाप्त नौ महीनों के लिए इबित्दा 43 प्रतिशत वर्ष दर वर्ष उपर 11282 करोड़ रूपए था। इसमें वृद्धि मुख्य रूप से जस्ता और सीसा एलएमई कीमतों में वृद्धि और उच्च प्रीमियम और चांदी की उच्च कीमतों के कारण रहा।

प्रोजेक्ट अपडेट :

चीनी नागरिकों के लिए कड़े दिशा निर्देश एवं कोविड-19 के प्रतिबंधों के कारण चंदेरिया में फ्यूमर संयंत्र के चालू होने में देरी हो रही है। वीजा आवेदनों को मंजूरी दिलवाने के सभी प्रयास (वैकल्पिक पक्षों के समर्थन सहित) किए जा रहे हैं और वित्त वर्ष 22 के अंत तक इसे पूरा करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

ईएसजी अपडेट :

  • बोर्ड स्तरीय ईएसजी और सस्टेनेबिलिटी कमेटी का गठन किया गया और इसकी पहली मीटिंग दिसम्बर 2021 में हुई।
  • हिन्दुस्तान जिंक को डाउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में मेटल और माइनिंग सेक्टर में पांचवां और पर्यावरण श्रेणी के लिए एशिया प्रशांत क्षेत्र में पहला स्थान मिला।
  • चंदेरिया सीपीपी और देबारी इकाइयों को ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल से स्वोर्ड ऑफ ऑनर और फाइव स्टार रेटिंग मिली।
  • कायड़, रामपुरा आगूचा खानों को स्थायी खनन के लिए खान मंत्रालय द्वारा फाइव स्टार रेटेड माइंस से सम्मानित किया गया।
  • 2025 के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण के अंतरराष्ट्रीय संगठन (IUCN) के साथ 3 साल की भागीदारी जिससे जैव विविधता प्रबंधन योजना के विकास के लिए कोई हानि नहीं होगी।

लिक्विडिटी और इन्वेस्टमेंट :

31 दिसम्बर 2021 तक कंपनी का सकल निवेश, नकद और समकक्ष 17040 करोड़ रूपए था जो सितम्बर 2021 में 23662 करोड़ रूपए था।
31 दिसम्बर 2021 के अंत तक कंपनी का शुद्ध निवेश 14227 करोड़ रूपए था जबकि सितम्बर 2021 के अंत में 19103 था जो उच्च गुणवत्ता वाले साधनों में निवेश किया गया था।
क्रीब 7606 करोड़ (18 रूपए प्रति शेयर) रूपए का अंतरिम डिविडेंड दिसम्बर 2021 में वितरित किया गया।

Related posts:

एचडीएफसी बैंक, भारतीय सेना और सीएससी अकादमी ने 26 नए स्थानों पर प्रोजेक्ट नमन का विस्तार किया

श्वेेताम्बर जैन समाज का पर्युषण महापर्व सम्पन्न

इंदिरा मुर्डिया के जन्मदिवस पखवाड़े के तहत भव्य आयोजन

HDFC Bank launches Rising Bankers programme withAmity Global Business School

Upstox Joins IPL As Official Partner

मकर संक्रान्ति पर गरीबों एवं दिव्यांगों की सेवा

London Bullion Market Association Renews Certification for Hindustan Zinc’s Silver Refinery

होंडा इंडिया फाउंडेशन ने उदयपुर पुलिस को 25 कस्टमाइज़्ड होंडा शाइन 100 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) वाह...

बिना अवकाश के सुविवि में चल रहे नि:शुल्क योग अभ्यास शिविर के 1000 दिन पूरे हुए

उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तीव्र गति से जारी, अक्टूबर 2025 तक पूर्ण किए जाने का...

पर्यावरण-विरासत के विकास के लक्ष्य पर राज करना तभी संभव है जब भावी पीढ़ी जागरूकता के साथ इस दिशा में...

उदयपुर में गुरूवार को मिले 4 कोरोना संक्रमित, एक की मृत्यु