लाल बावा के जन्मदिवस के उपलक्ष में श्रीजी प्रभु में तीन दिवसीय मनोरथ का होगा भव्य आयोजन

नाथद्वारा (डॉ. तुक्तक भानावत ) : पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली के पीठाधीश्वर श्रीमद गो.ति. 108 राकेशजी (इंद्र दमनजी) महाराज के हीरक वर्ष के उपलक्ष में तिलकायत श्री की आज्ञा एवं श्री गो.चि.105 विशालजी ( भूपेश कुमारजी) बावा की प्रेरणा से तिलकायत कुलोदभव गो.चि.105 श्रीलाल गोविंदजी ( अधिराजजी) बावा के जन्मदिन के उपलक्ष में प्रभु श्रीनाथजी एवं लाडले लाल श्री नवनीत प्रियाजी के त्रिदिवसीय मनोरथ एवं विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन नाथद्वारा में होगा। इस अवसर पर विशाल बावा ने मनोरथ की संपूर्ण जानकारी देते हुए मनोरथ के भाव को चतुर्भुज दासजी के एक पद के रूप में बताया कि ” गोविंद चले चरावन गैया “— हरखि कहे आज भलो दिन,कहत जसोदा मैया।। उबटि न्हवाय बसन भूखन सजी विप्रन देत बधैया।। करि सिर तिलक आरती वारती फिरी फिरी लेत बलैया।। चतुर्भुज दास छाक छिके सजी सखन सहित बलभैया।। गिरिधर गमन देखी आंको भरि मुख चुम्मियों नंदरिया।।
विशाल बावा ने बताया कि लाल बावा को गायों से विशेष प्रेम है और उन्हीं की मनोकामना से श्री लाडले लाल प्रभु मनोरथ में ओड़न गौशाला पधार रहें हैं। लाल बावा का गौ प्रेम सर्व विदित है और सभी को ज्ञात है कि लाल बावा के संपूर्ण परिवेश में इत गौ,उत गौ जित देखो उत गऊ ही गऊ है,श्री विशाल ने बताया कि श्री लाल बावा के खिलौने हो उनके वस्त्र परिधान हो या फिर उनके विद्यालय में वे जब जाते हैं तब भी उनके बैग में गौ माता के खिलौने ही रहतें हैं वे विद्यालय जाने से पूर्व गौ माता को गौ ग्रास देने के पश्चात ही विद्यालय जाते हैं यहां तक कि उनको गौशाला की सभी गायों और उनके बछड़ों के भी नाम याद है जो उनके अपार गौ प्रेम को दर्शाता है और उनके गोस्वामी होने का प्रत्यक्ष उदाहरण एवं व्यक्तित्व को दर्शाता है। मनोरथ की विविध शुक्रवार शीतला सप्तमी के दिन श्रीजी प्रभु में राजभोग दर्शन में ‘आली कुंज भवन’ मनोरथ एवं श्री लाडले लाल प्रभु में ‘गौ चारण मनोरथ’ एवं भोग आरती दर्शन में श्रीजी प्रभु में ‘गौ चारण’ एवं लाडले लाल प्रभु में ‘बैठे फूल महल’ का मनोरथ होगा। वहीं इसी दिन लाल बावा का जन्म दिवस होने के कारण वल्लभ कुल की परंपरा अनुसार राजभोग दर्शन पश्चात मोती महल में मारकंडेय पूजा का आयोजन होगा। इस दिन समस्त पुष्टि सृष्टि के लिए लाल रंग की प्रधानता रहेगी।
शनिवार अष्टमी के दिवस श्रीजी प्रभु में राजभोग दर्शन में ‘फल फूल की मंडली’ एवं लाडले लाल प्रभु में भी ‘फल फूल की मंडली’ तथा भोग आरती दर्शन में श्री लाडले लाल प्रभु में माखन चोरी का भव्य मनोरथ होगा। इस दिन समस्त पुष्टि सृष्टि एवं वैष्णव जन के लिए हरे रंग की प्रधानता रहेगी। रविवार चैत्र कृष्ण पक्ष नवमी को राजभोग दर्शन में ‘छप्पन भोग’ का भव्य मनोरथ होगा जिसमें प्रभु श्री लाडले लाल नवनीत प्रियाजी श्रीजी प्रभु में पधारेंगे एवं छप्पन भोग अरोगेंगे। अहमदाबाद के निवासी नीलेश पटेल छप्पन भोग के मनोरथी के रूप में प्रभु को छप्पन भोग मनोरथ के रूप में अपनी सेवा प्रदान करेंगे।
रविवार को सांयकाल चार बजे प्रभु श्री लाडले लाल श्री नवनीत प्रियाजी भव्य ‘गौशाला मनोरथ’ में ओड़न गौशाला पधारेंगे एवं समस्त पुष्टि सृष्टि को दर्शन देंगे। गौशाला मनोरथ के मुख्य मनोरथी एवं श्रीनाथजी मंदिर मंडल के सदस्य मदन पालीवाल (मिराज ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज) अपने संपूर्ण परिवार के साथ प्रभु की अगवानी एवं स्वागत करेंगें।

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