ऊर्जा संरक्षण हेतु हिन्दुस्तान जिंक द्वारा परिचालन में किए जा रहे निरंतर नवाचार

सस्टेनेबिलिटी विजन 2025 में 0.5 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य
उदयपुर। प्रदेश में ऊर्जा सरंक्षण हेतु अपनी प्रतिबद्धता और सरंक्षण के संकल्प के अनुरूप विश्व की अग्रणी और देश की एक मात्र सीसा जस्ता और चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक अपने परिचालन और आस पास के क्षेत्रो में नवाचार कर इस ओर अग्रसर है। जहां जिंक के मुख्य कार्यालय यशद भवन में 100 किलोवॉट अक्षय ऊर्जा तथा ऊर्जा निष्पादन के ट्रेक नियंत्रण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है जिससे भवन की वातानुकूलित तथा वाटर रिकार्ड के लिए वाटर मीटर्स स्थापित है। जिंक का प्रधान कार्यालय पूर्ण रूप से सोलर ऊर्जा से संचालित है।
जिंक अक्षय ऊर्जा के स्रोतो मंे लगातार बढ़ोतरी करने के साथ ही हरित ऊर्जा के निवेश में तेजी ला रहा है। वर्तमान में कंपनी की पवन ऊर्जा क्षमता 273.5 मेगावाट और सौर ऊर्जा 39.6 मेगावाट है जिससे कार्बन उत्सर्जन में 5,80,995 मीट्रिक टन की वार्षिक कमी हुई है। कंपनी अपने संसाधनों की कमजोर प्रकृति के प्रति सचेत है और संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी द्वारा पानी के भंडारण, नवीकरणीय स्रोतों से ऊर्जा के कैप्टिव उपयोग और नए तरीकों के माध्यम से पर्यावरण के फुटप्रिंट को लगातार कम किया जा रहा हैं।
ऊर्जा संरक्षण जलवायु परिवर्तन को कम करने मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिसके लिए हिन्दुस्तान जिंक को हाल ही में विश्व स्तर पर पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली गैर लाभकारी संस्था सीडीपी द्वारा कार्पोरेट सस्टेनेबिलिटी में नेतृत्व कर कुशल पर्यावरण संरक्षण हेतु ‘ए स्कोर‘ से सम्मानित किया गया है। जिंक द्वारा अपने संचालन में उपभोग की जाने वाली ऊर्जा की मात्रा को कम कर, ऊर्जा सेवाओं की कम खपत से एवं ऊर्जा के कुशल प्रयोग द्वारा संरक्षित की जा रही है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने बताया कि सस्टेनेबिलिटी हिन्दुस्तान जिंक के मूल में है। पर्यावरण सरंक्षण प्रमुखता के साथ ही हम सभी के स्वास्थ्य की सुरक्षा और दीर्घकालिक सतत् आर्थिक विकास में विश्वास करते हैं। उद्योगों में ग्रीन टेक्नोलॉजी में नेतृत्व हमारा लक्ष्य है और इसके लिए जल प्रबंधन, स्त्रोतों से ऊर्जा का कैप्टिव इस्तेमाल, वेस्ट रिसाइकलिंग हेतु नई पद्धतियों को अपना रहे हैं। वर्ष 2025 तक सस्टेनेबिलिटी के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हम समग्र दृष्टिकोण पर कार्य कर रहे हैं और अगले पांच वर्षो मे ंहम इस हेतु सकारात्मक परिवर्तर के लिए सभी पहलुओं पर कार्य करेंगे।

जिंक द्वारा ऊर्जा उपभोग के नियमित निरीक्षण व जाँच से ऊर्जा का संरक्षण हुआ है। संशोधन प्रक्रिया यानि पुरानी व अधिक ऊर्जा की खपत करने वाली प्रक्रियाओं को नई ऊर्जा कुशल प्रक्रियाओं से प्रतिस्थापित कर नवाचार किये गये है। उन्नत माप उपकरण से ऊर्जा संरक्षण हेतु नई तकनीकों व ऊर्जा कुशल उपकरणों व प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जा रहा हैै। बिजली का उपयोग कम करके उल्लेखनीय मात्रा में ऊर्जा की बचत की जा सकती है। बल्बों को एलइडी, ऑटो ऑफ एवं सौल लाइट से प्रतिस्थापित कर दिया गया है। यातायात क्षेत्र में ऊर्जा संरक्षण के लिए सभी संयत्रों और खदानों में परिवहन के साधनों में परिवर्तन किया गया है। ईंधन की खपत में कमी के लिए संचालन क्षेत्र में स्ववाहनों के स्थान पर अधिक से अधिक सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग किया जाता है। संयत्रों, खदानों और कॉलोनी में कार की गति सीमा निर्धारित है।
कंपनी द्वारा प्रमुख रूप से ऊर्जा संरक्षण के लिए अक्षय ऊर्जा हेतु कायड माइंस में 1 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजना भूमि पर स्थापित की है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति वर्ष 1500 टन कार्बनआक्साईड उत्सर्जन में कमी आती है। स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से अपने कार्यालयों और उपयोगिताओं को चलाने के लिए पहल करते हुए 1.7 मेगावाट रूफ टॉप सौर परियोजना की स्थापना की है जिससे प्रति वर्ष 2350 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आयी है।
चंदेरिया लेड जिंक स्मेलटर में केप्टीव पॉपर प्रोजेक्ट में वर्ष 2019 में पूर्ण हुए प्रथम और द्वितीय वेरिएबल फ्रिक्वेंसी ड्राईव में पंखो की स्थापना के परिणामस्वरूप 2.6 मेगा यूनिट प्रति वर्ष ऊर्जा की बचत होती है। इसी तरह यहां सर्दियों के मौसम में अपनी सिंगल सर्कुलेटिंग पानी पंप को चलाने की पहल की है, जिसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 20 में 0.7 एमयू की बिजली की बचत हुइ है। चंदेरिया सीपीपी ने दक्षता निगरानी के आधार पर बॉयलर फीड पंप में ऑटोमैटिक रीसर्कुलेशन वाल्व इंसर्ट और कार्टि्रज को बदलने के लिए पहल की है, जिसके परिणामस्वरूप दक्षता में सुधार हुआ है और 0.88 एमयू की बिजली की बचत हुई है। एश हैंडलिंग पॉवर में 10 प्रतिशत तक बिजली की खपत से राख को कम करने हेतु विभिन्न पहल से बिजली की बचत का 0.63 मेगा यूनिट हासिल किया।
जावर सीपीपी ने अपनी टर्बाइन का पुनरीक्षण 80 मेगावाट से 91.5 मेगावाट करने के लिए अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए किया है, जिसके परिणामस्वरूप टर्बाइन की ऊष्मा दर में कमी 2365 किलो कैलोरी से 2145 किलो कैलोरी और 0.8 प्रतिशत बिजली की खपत में कमी आई है। यहां कूलिंग टॉवर में परिचालन में सुधार किया है, जिसके परिणामस्वरूप 17500 किलोवाट प्रतिमाह की बिजली की बचत होती है। जावर सीपीपी द्वारा ऐश हैंडलिंग प्लांट में परिचालन में सुधार किया गया है, जिससे बिजली की बचत पर परिणाम 25 प्रतिशत यानि 18600 किलोवाट प्रति माह है।
दरीबा सीपीपी ने वैरिएबल फ्रिक्वेंसी ड्राइव स्थापित की है, दोनों यूनिटों में ड्राफ्ट फैन लगाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 1.6 मेगावॉट प्रति वर्ष की बिजली की बचत हो रही है। दरीबा सीपीपी ने सर्कुलेटिंग वॉटर पंप में कोरो कोटिंग से पंप की दक्षता में वृद्धि हुई है और 0.13 मेगावॉॅॅट वर्ष की ऊर्जा की बचत हुई है। दरीबा में ही कूलिंग टॉवर फैन ब्लेड को अत्यधिक कुशल फैन ब्लेड में बदलने से 0.5 मेगावॉट प्रति वर्ष की बिजली बचत होती है।
जिं़क के सस्टेनेबिलिटी विजन 2025 में 0.5 मिलियन टन कार्बन ग्रीन हाउस उत्सर्जन को कम करने, वाटर पॉजिटीव, अपशिष्ट उपयोग , कार्यस्थल पर सुरक्षा और विविधता, समुदायों की समृद्धि एवं जैव विविध्ता प्रमुख लक्ष्य है जिसके लिए लगातार प्रयास एवं नवाचार किये जा रहे है।

Related posts:

हिन्दुस्तान जिंक को क्वालिटी सर्कल फोरम इंडिया द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु 26 पुरस्कार

जिंक ने सीडीपी के माध्यम से पर्यावरणीय पारदर्शिता और प्रतिबद्धता को दोहराया

Hindustan Zinc’s Rampura Agucha Mine wins top awardat the International Convention on Quality Contro...

Zinc wins CII-Dxaward for ‘Best Practice in Digital Transformation 2021’

Nayara Energy and Shell Lubricants ink strategic partnership to provide world-class offerings for cu...

एचडीएफसी बैंक ने दिया निवेश धोखाधड़ी के खिलाफ सावधानी बरतने का महत्वपूर्ण संदेश

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा देबारी में एआई सक्षम हॉटस्पॉट मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित

मोटोरोला ने लॉन्च किया मोटो जी85 5G

Hindustan Zinc Transforming the Lives of over 2 Lakh Underprivileged and Specially Abled Children

वेदांता की नंदघर, जॉन स्नो इंक. (JSI) और रॉकेट लर्निंग के साथ साझेदारी

जिंक ने नेवातलाई के युथ खिलाडिय़ों को दिया स्पोट्र्स किट

एचडीएफसी बैंक ने लॉकडाऊन के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए समर ट्रीट्स प्रस्तुत कीं